Friday, January 21, 2011

Begum Akhtar - mere humnafas mere humnawa

Wednesday, January 19, 2011

rupya

ख़ामोशी का भी अपना महत्व होता है
इक आहट होती है शांत चेहरे पे

पर क्यों कर बोले कोही बेवजय इस सुंदर जुबा से
कि वजय नहीं दिखती इन बेवक्त खियालो कि

वोह कहा है वो ईमान इन देश के प्यारो में
कि दस लिया है इनको रुपयों के झंकारो ने

Wednesday, January 12, 2011

budhdi

अजीब चीज बनाई है विधाता ने इंसान                          
दे दिए है हज़ार ग़म दिल और दिमाग में

कहते है बुध्दी दी है सब जीवो से  बढ़कर
क्या शान्ति दी इस बुध्दी ने इस इंसान को

कपट ,झूठ ,लढ़ाई बढ़ दी इस zaalim  बुध्दी में
कहते है बुध्दी दी है सब जीवो से बढ़कर