Saturday, October 23, 2010

khwab

दूर गगन के ये चमकीले ,टिमटिमाते ये सितारे
और बीच  में विराजे ये सुंदर चमकीले मामा चंदा

क्यों नहीं मंगाऊ दो पंख इस उरती चिरिया से में
क्यों नहीं पहुचू  में बीच झिलमिलाते सितारों में

कि दूर से बुलाते है ये मुझको उढ़ कर आने को
हां हां अभी  अभी बात हुई है मेरी चंदा मामा से

पर ये क्या दूर नज़र आती है ये सुनहरी किरने
अरे हां यह सुंदर ख्वाब था इस खामोश रातो का

Thursday, October 14, 2010

intzzar

कियोकर न पिए कोही इन सुनसान विरानो में
न दूर तक दिखती है कोई नज़र इन रस भरे बागो में

था इंतज़ार किसी  साकी के आने का
न आये वो घंटो इंतज़ार के बाद भी

कि चाहत थी मुझे छूने कि इन प्यार भरे लम्हों कि
कि अब न आएगी कभी ये रात इन लम्हों को भुलाने कि

आती है आहट बार बार किसी के छम छम कदमो कि
कि आस जाति नहीं उन मध् भरी आँखों कि .

thahake

कियो आज अजीब सी लगती है यह उजली सी धूप
कियो आज लगती है यह हलकी पवन कि सिरहन
कियो आज आती है कानो में अजीब सी सनसनाहट
लियो आज अजीब सी हरकत है इन बाहौ के बालो में

कही ये आगाज़ तो नहीं है किसी मध् भरी आँखों का
कही ये अंदाज़ तो नहीं है किसी के स्वागत करने का
कही ये बयां तो नहीं है उस चंचल हसी भरे ठहाको का
हां यह सच है वोह यही है वोह यही है साथ अपने ठहाको के

Friday, October 8, 2010

sangam

यु तो न थी कभी लहरों में चंचलता
यु तो न था  कभी उफ्फान लहरों में

ऐसा कियो लगता है कि अल्हर सी लगती है ये लहरे
किया कुछ या बहुत कुछ मिल गया है इन बलखाती लहरों को

शायद ये अति खुश है इसलिए कि होना है संगम चांदनी रातो में
अब दूर नहीं है मंजिल इन लहरों से कि निकट है समुंदर संगम को

bandhan

हां यह सच है करता हु प्यार इस हिरन सी आँखों को
हां यह सच है दीवाना हु प्यार में जल से भरी इन आँखों में

हां यह सच है खोया  रहता हु दिन रात इन मदभरी आँखों में
हां यह सच है छीन  लिया  है घर बार मुझसे इन चंचल आँखों ने

अब तो खुवाइश है इस दिल को कि न दूर करे पल भर  मुझको  प्यार भरी आँखों से
या खुदा अब तो इल्तजा है जी भर कर कि बांध दे यह बंधन जीवन भर को

Monday, October 4, 2010

haq

कैसी है दुनिया ,कैसे हे ये लोग
चल रहे है चल रहे है बेखोफ

करते है जुर्म इन्सनिएत पर
कहते है हम इन्सान है

छिनकर हक दूसरो का अपनी झोली में
कहते है हम मालामर है इस टोली में

कहते है हम इज्ज़तदार है करते है प्यार
अरे ऐ इन्सान कब तक सच छुपाएगा इन यारो से

किया होगा उस दिन जब परेगी मार यारो कि
कि मुह ना दिखा पायेगा यारो कि टोली में