Friday, March 25, 2011

pyaar

तुम क्या जानो प्यार क्या है ,तकरार क्या है
तुम क्या जानो रूठना क्या है ,मनाना क्या है

तुम क्या जानो इन आँखों की भाषा को
तुम क्या जानो इस ऊपर नीचे होती पलकों को

तुम क्या जानो इन चेहरे के भावों को
तुम क्या जानो इन लहराती इन रेशमी बालो  की जुल्फों को

क्या कहती है आखिर ये सब अपनी भाषा में
हां हां यही है प्यार की भाषा पहले प्यार की


Thursday, March 24, 2011

एक अजीब सी प्यास है इस मन में
एक अजीब सी आस है इस तन में

कि जानू में इस प्यार  को अंदर से इन तारो को
कि कैसे बजते है तार इसके मन कि वीराः में

कि जानू क्यों ढोल उठता है मन थिरक के पावों से
कि जानू क्यों सिरहन सी उठती है अंदर के भावों में

कि जानू क्यों मचल उठता है जी निहारने को उनको
कि जानू क्या यह जादू है  या एक अजीब पहेली है

एक अजीब  सी प्यास है इस मन में
एक अजीब सी प्यास है इस तन में

Saturday, March 19, 2011

pyar ke rang

धरती रंगी है आज सभी रंगों में
की आज खिले है फूल धरती पर

मन के फूल खिले है हर अंगो में
की योवन जाग  उठा है अंग अंग में

की ख़ुशी रह रह के फूट उठी है हर अंग से
की योवन जाग  उठा है धरती के कण कण में

खुशियों से सरोबार है हर उम्र के सब लोग
की धरती पर उतर आया है स्वर्ग एक बार फिर

की धरती रंगी  है आज रंगों में
की खिले है आज फूल धरती पर