Sunday, September 21, 2014

aakhari jimedari

आज बहुत दिनों बाद में कुछ लिखने को यह ब्लॉग खोला है ,जिंदगी धीरे धीरे अपने रस्ते चल रही है कोही बहुत बढ़ा बदलाव नहीं आया है इन्शुरन्स का काम मेने बहुत पहले छोढ़ दिया है ,बच्चे   धंधा  कर रहे है वही जॉकी का दो दुकाने खोल चुके है ठीक थक चल रहा है ,पर उम्मीद ज्यादा है और जरुरत भी में भी शाम को क.csheme दुकान जाता हु पर जिंदगी का अहम काम अभी भी पेंडिंग है बच्चो  की शादी ,न जाने क्या बात है अभी तक पेंडिंग है ,जब की बच्चो में ईश्वर ने कोही भी ऐब नहीं दे रखा है। फिर क्यों लेट ?
सीमा इस बारे में काफी परेशान है और उसकी तबियत भी ठीक नहीं रहती ,मुझे इसके लिए काफी ध्यान देना परता है जो जरुरी है ईश्वर की लीला अप्रम पर है कब क्या हो पत्ता नहीं है ,मुझे उसके फैसले का बेचैनी से इंज़ार है ,काश वो दिन जल्दी आ जाये और हम मिया बीबी  जिंदगी की आखरी और जरुरी जुम्मेदारी से मुक्त हो जाये। ईश्वर ने हमें सब कुछ दिया है हम उसके तहे दिल से शुक्रगुज़ार  है।