ढाई अक्षरों का शब्द प्यार हां भाई प्यार
समेटे है अपने में असंख्य शब्दों का भंडार
कहियो को समझने में लग जाते है दिन हज़ार
कहियो को दिन दो चार और समझदार को मिनट चार
वह री ईश्वर तेरी लीला अपरम्पार ,समझे हम बार बार
कि नहीं मिलता मुफ्त में प्यार ,कि नहीं है यह शब्दों का संसार
कि नहीं होती भक्ति भूख में ,नहीं मिलता प्यार मुफ्त में
आखिर क्यों बनाई ,क्यों बनाई ,दुनिया मुफ्त में भगवान्