Wednesday, July 27, 2011

pyaar

ये हकीक़त है या ख्वाब या एक अहसास
झलक है उसकी या एक मुर्ग्त्रिश्ना रेतो की

ये मुस्कराना और जुल्फों का लहराना मस्त हवा के झोंको में
दुपट्टा उरता है कही तो नज़रे निहारती है कही ,लगता है मन है कही

हां यह न  ख्वाब न मृगतृष्णा  यह एक हकीक़त है प्यार के इकरार की
हां    क्यों न नाचे मन झूम झूम कर क़ि मिल गया है एक तोहफा प्यार का

Saturday, July 23, 2011

rahmat khuda ki

बरसात के बाद खिली हुई धूप मौसम को निखार देती है
ऐसे लगता है जैसे चारो और चांदनी सिमट कर धरती पर आई है

पक्षियों की चहचहाहट और कोयल की कु कु व्यक्ति को सहज आकर्षित करती है
मखमली सी हरी घास ,झरनों का संगीत फूलो की खुशबू की घटा निराली है

क्यों नहीं मन नाचे हिलोर हिलोर क्यों नहीं स्वर निकले झूम झूम कर
कि  बरसी है रहमत इस परवरदिगार की इन कोमल अंगो पर

Saturday, July 16, 2011

barsat

kitna pyaara mousam hai barsaat ka
rimzim si baarish apne aap me ek nazara hai kudrat ka

Thursday, July 14, 2011

song

kindly watch this vedio a old famous song played by vyjantimala .

Saturday, July 2, 2011

khwab

इक आहट सी होती है सुनसान और खामोश रात में
आकृति सी नज़र आती है इन झुरमुट पेढ़ो के अँधेरे में

सहसा मन बोझुल  हो उठता है पुरानी यादो में
की याद आ जाता है वो मंज़र बरसो पुरानी रातो का

कि रोज़ वो राते होती थी इंतज़ार  में किसी के प्यार के दीदार में  
हां वो आती थी जरुर आती थी नींद के बाद "ख्वाबो "में

आखिर पुरे हुए ख्वाब बरसो नींद के बाद कि नज़र आई वो दूर से निगाहों में
सचमे अचरस था मेरी आँखों में कि बार बार मलता रहा में आँखों को हकीक़त है या खुवाब

नाच उठा में अपने में कि हकीक़त है इन आँखों में कि न था अपने बस में
खुशियों में नाचा इतना ही पल भर में सब कुछ ओझल हुआ इन आँखों में .