Thursday, May 5, 2016

rahsya

क्यों  होती है सोच आगे की
क्यों आती है याद  बार बार उसकी
क्यों नहीं जाती वो दिल और दिमाग से
क्या कहना चाहती है आखिर वो मेरे दिमाग को
क्यों नहीं में समझता में उसके इशारों को
क्या रहस्य है आखिर उसके बार बार आने को
क्या में नादान समझ पाउँगा उसके इशारों को
क्या यह कोई प्यार का अजीब अहसास है मेरे अंदर
कैसे पाऊ में मतलब इस अजीब पहेली का
है जरूर कुछ इन इशारों में जो कहना चाहती है वो अब तक
कर दे ईश्वर कुछ ऐसा की में मतलब पाह जाऊ जल्दी इस गुथी का

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