Friday, December 24, 2010

जिंदगी अजीब सी पहेली है
इक अजीब सी सहेली है

क्यों न गले लगाये इसको
क्यों न मुस्कराए इससे

क्यों न इतराए हम मिलके इससे
क्यों न गले लगाये इसको

1 comment:

  1. इस नए सुंदर से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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