Sunday, May 29, 2011

pyaar

ढाई अक्षरों का शब्द प्यार  हां भाई प्यार
समेटे है अपने में असंख्य शब्दों का भंडार

कहियो को समझने में लग जाते है दिन हज़ार
कहियो को दिन दो चार और समझदार को मिनट चार

वह री ईश्वर तेरी लीला अपरम्पार ,समझे हम बार बार
कि नहीं मिलता मुफ्त में प्यार ,कि नहीं है यह शब्दों का संसार

कि नहीं होती भक्ति भूख में ,नहीं मिलता प्यार मुफ्त में
आखिर क्यों बनाई ,क्यों बनाई ,दुनिया मुफ्त में भगवान्

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