Sunday, May 8, 2011

maa

बहुत याद आती है आज मेरी प्यारी मा
वो माँ जिसने प्यार और संभाल के रखा मुझे अपनी कोख में
वो माँ जिसने प्यार से चलना और बोलना सिखाया इस धरती पर
वो माँ जिसने बतलाया दुनिया के रंग और उसके सुरों को
वो माँ जिसने जिसने रखा हर पल अपनी गोद में दुलार के
वो माँ जिसने संभाल रखी हर मौसम की दूप छाव की बनते बिगारते हालात की
वो माँ जिसने बहुत प्यार से सुलाया हर रात मुझे अपने सीने से लगा कर
कितनी अनगिनत बाते बचपन की और उस दुलार की उस ममता भरी  आवाज़ की
कह़ा गयी वो माँ ,कह़ा गयी वो माँ मुझे छोर कर इस झंझाल में
क्या अब वो ममता ना रही उम्र के इस पराव में ,क्या वो ख़ुशी ना रही इस खून के कतरे में
नहीं नहीं यह गलत है वो माँ है ,वो नहीं रह सकती दूर मुझसे ,वो दूर से निहार रही है हर पल मुझको ,हां वो दुहाई दे रही है हर पल मुझको वो मेरे पास है वो मेरे पास है हर पल हर घरी .

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