क्यों कोही पूछे मुझसे ये राज़ कि बाते
कि वोह न था कभी राजदार मुझसे कभी
बीत गयी वो राते ,बीत गयी वो बाते
बीत गए वो पल ,बीत गयी वो प्यार भरी बाते
यादगार रह गए वो सुनहरे प्यार भरे पल
याद रह गई वो वोह प्यार भरी कसमे
न भुला पाहुंगा में यह सभी जीवन भर
कि तुम आज भी बसी हो मेरे तन मान में
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