सर्द सर्द पवन के झोंके लिए इस सुबह का स्वागत है
कि रात अभी अभी ख़तम हुई है काले सायो के साथ
सूर्य कि उजली धुप मानो दे रही है नया सन्देश
कि करना है कुछ नया कि हो रहे याद बरसो तक
नहीं करना है बेकार यह अदबुध कीमती वक्त
कि बहुत मुश्किल से पाया है मानव का यह जन्म
ऐ हवाओ ले चल मुझे उढ़ा कर कही दूर खितिज़ पर
कि पा सकू कुछ बहुत नया इस मानव जीवन में कही
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