सपने जरुर होने चाहिए हर जिंदगी में
कि उसे पूरा करने में अपने को डाल देना चाहये
कि सपने अपनी उमीद है कि सपने अपनी आशा है
कि सपनो में जीने का अपना निराला अंदाज़ है
क्यों नहीं होंगे पूरे सपने हर इंसान के इस धरती पर
कि बेइंतिहा सौन्द्रिय बिखरा परा है इस धरती पर
क्यों नहीं जिए हर वो ख़ुशी से इस संसार में
कि नहीं मिलती मानव योनी हर इक जीव को संसार में
► प्रकाश जी ,,,
ReplyDeleteसपनों बिना भी कोई जिंदगी है भला....
बहुत सुन्दर......
अगर मौका मिले तो मेरा ब्लॉग भी है भ्रमण के लिए...
(मेरी लेखनी.. मेरे विचार..)
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well ,jogendra ji ,aap to bahut hi sunder likhte ho .thanks.
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