ये नयन तेरे मतवाले लगे भरपूर मद के प्याले
डुबोए है सब को कर कर मदहोश नयन ये प्यारे
क्यों ये हुस्न दिया खुदा ने इन मध् भरे नैनो वाली को
कि करती है बेहोश सढ़को पर अपने हुस्न के दीवानों को
ठुमक ठुमक चलती है ये सढ़को पर कि गिरते है दीवाने सढ़को पर
कि मुढ़ मुढ़ कर देखते है इन्हें हर उम्र के परवाने इन्हें
रहम कर हे खुदा इस बन्दे पर कि दाग न लगे इस जिस्म पर
कि बहुत जतन से पाई है ये दौलत इज्ज़त कि बरसो खिदमत के बाद
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