Tuesday, September 28, 2010

ahsas

ऐसा क्यों  लगता है कि वोह न आएगा कभी
ऐसा क्यों  लगता है कि प्यार छुट गया मुझसे

क्या  यह अहसास है सच का या धुंधले खियालो का
क्या यह अहसास है उन सुंदर बिताये पलो का

न भूल पाहुंगी उन प्यार भरे मोहक लम्हों  को
कि जीवन कि  अद्बुद भुझी उस प्यार के अहसास को

ऐ खुदा, ऐ परवरदिगार विनती है मेरी इन चरणों में
मिला दे इक बार मेरे बिछरे रूठे खेवनहार को

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